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खाता बुक फ़ॉर्मेट: कस्टमर का खाता कैसे रखें
खाता दुकान का वह हिसाब है जिसमें लिखा होता है कि हर कस्टमर ने उधार में क्या लिया और क्या लौटाया। ठीक से रखा जाए तो झगड़ा सेकंडों में सुलझता है; ढीला रखा जाए तो झगड़ा शुरू होता है।
खाते के कॉलम
हर कस्टमर का अपना पन्ना (अकाउंट या लेजर) होता है। उस पन्ने की हर लाइन में यही पाँच चीज़ें होती हैं:
- तारीख सेल या पेमेंट की।
- विवरण: क्या हुआ, बिल या मेमो नंबर के साथ, जैसे "कैश मेमो CM/26-27/041, 2 बोरी सीमेंट" या "UPI से मिला, रेफ़. 431209876543"।
- डेबिट (Dr): वह रकम जो अब कस्टमर पर और बढ़ गई, यानी उधार में दिया माल या काम।
- क्रेडिट (Cr): जो रकम उन्होंने चुकाई, या जो माल लौटाया।
- बैलेंस: इस लाइन के बाद अभी कितना बकाया है। Dr बैलेंस मतलब कस्टमर पर आपका बकाया; Cr बैलेंस मतलब आप पर उनका (एडवांस)।
एक उदाहरण
शर्मा किराना मिसेज़ गिल को उधार पर सामान देता है। 1 अप्रैल 2026 को उन पर पिछले साल का ₹1,200 बकाया था।
| तारीख | विवरण | डेबिट (₹) | क्रेडिट (₹) | बैलेंस (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 01 Apr 2026 | शुरुआती बैलेंस | 1,200.00 | 1,200.00 Dr | |
| 06 Apr 2026 | कैश मेमो CM/26-27/014, महीने का राशन | 3,450.00 | 4,650.00 Dr | |
| 15 Apr 2026 | UPI से मिला | 2,000.00 | 2,650.00 Dr | |
| 04 May 2026 | कैश मेमो CM/26-27/052 | 2,980.00 | 5,630.00 Dr | |
| 10 May 2026 | कैश में मिला | 4,650.00 | 980.00 Dr |
15 अप्रैल के ₹2,000 से पहले पुराना ₹1,200 चुका और अप्रैल के मेमो का ₹800। 10 मई के ₹4,650 से अप्रैल के मेमो का बाकी (₹2,650) और मई के मेमो का ₹2,000 चुका, इसलिए मेमो CM/26-27/052 का ₹980 अभी खुला है। यही "सबसे पुराना बिल पहले" नियम यह खाता भी लगाता है, जब तक आप कोई दूसरा बिल टिक न करें।
झगड़ों से बचाने वाले नियम
- हर उधार की सेल का बिल या मेमो दें और उसका नंबर खाते में लिखें। सिर्फ़ "सामान ₹3,450" लिखी लाइन बाद में साबित करना मुश्किल होता है।
- पेमेंट का तरीका और रेफ़रेंस लिखें: UPI रेफ़रेंस, चेक नंबर या "कैश"। जब कस्टमर कहे "मैंने 15 तारीख को दिया था", तब आप ठीक-ठीक दिखा सकते हैं कि कौन-सा पेमेंट था।
- हर कस्टमर का एक पन्ना। एक ही नाम के दो लोग? नाम में गाँव, दुकान या फ़ोन नंबर जोड़ दें ("रमेश, मॉडल टाउन")।
- कभी ऊपर से न लिखें। कोई लाइन गलत हो तो आँकड़े मिटाने की जगह सुधार की नई लाइन (जैसे वापसी या छूट) लिखें।
- हर वित्त वर्ष की शुरुआत शुरुआती बैलेंस से करें 1 अप्रैल को, पुराने पन्नों से नहीं।
- बीच-बीच में बैलेंस लिखित में पक्का करा लें। WhatsApp पर भेजा स्टेटमेंट और "हाँ, सही है" वाला जवाब काम का सबूत है (देखें स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट)।
उधार की सेल और GST
अगर आप GST में रजिस्टर्ड हैं, तो उधार की सेल भी उसी दिन की सेल है जिस दिन माल दिया: टैक्स इनवॉइस (या बिल ऑफ़ सप्लाई) तभी बनाना होता है, और उस पर GST उसी महीने देना होता है, भले कस्टमर ने अभी पैसा न दिया हो। पैसा आने तक बिल रोककर रखना आम गलती है। इनवॉइस billing.niveshsahayak.in पर बनाएँ; वह खाते में अपने-आप दिखेगा।